
रूपनगर ( परविंदर कौर )
देशभर में आस्था का महापर्व छठ का त्योहार मनाया जा रहा है। इस मौके आज सतलुज दरिया के किनारे रूपनगर के निवासियों के द्वारा छठ का त्यौहार मनाया गया तथा छठ के तीसरे दिन संध्या अर्घ्य देकर सूर्य उपासना और छठी मईया की पूजा की गई।

छठ का त्योहार
हिंदू धर्म में छठ पूजा का विशेष महत्व होता है। यह त्यौहार चार दिनों तक चलता है, इसमें तीसरे दिन का विशेष महत्व होता है। तीसरे दिन संध्या अर्घ्य देकर सूर्य उपासना और छठी मईया की पूजा की जाती है। इस दिन व्रती घाट पर एकत्रित होकर डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देते हैं।

छठ पर्व का महत्व
हिंदू धर्म में छठ के पर्व का विशेष महत्व होता है। यह त्योहार हर वर्ष दीपावली के छठवें दिन मनाया जाता है। छठ पूजा का पर्व चार दिनों तक चलता है। इस पर्व की शुरुआत कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से होती है और समापन शुक्ल पक्ष सप्तमी को होता है। छठ पर्व के तीसरे दिन शाम के समय सूर्यदेव को संध्या अर्घ्य दिया जाता है। इस दिन शाम को बांस की विशेष टोकरी में कई तरह के फल, ठेकुआ और चावल के लड्डू को एकत्रित कर रखते हैं तथा सजाया जाता है। इसके बाद शाम को सूर्यास्त के समय व्रती अपने परिवार के सदस्यों के साथ सूर्य को अर्घ्य देते हैं। अर्घ्य के समय सूर्यदेव को जल अर्पित करते हैं। इसके साथ ही प्रसाद लेकर से छठी मैया की पूजा की जाती है। दीपक जलाकर सूर्यदेव और छठी मईया की आरती करते हुए गीत गाया जाता है व्रत कथा सुनी जाती है।



