चमकौर साहिब में आई बाढ़ के दौरान भारतीय सेवा एक बार फिर से जनता की बनी ढाल

एक सितंबर की देर रात चंडीगढ़ से पहुंची 16 सिख रेजीमेंट की राहत टुकड़ी

मेजर शौर्य राय के नेतृत्व में तुरंत सक्रिय होकर किया कार्य

श्री चमकौर साहिब, 5 सितंबर ( सोम राज शर्मा )

चमकौर साहिब में आई बाढ़ से उपजी भीषण चुनौती के बीच भारतीय सेना एक बार फिर जनता की ढाल बनकर सामने आई है। 1 सितम्बर की देर रात चंडीगढ़ से पहुँची 16 सिख रेजिमेंट की राहत टुकड़ी, मेजर शौर्य राय के नेतृत्व में, हालात को काबू में करने के लिए तुरंत सक्रिय हो गई थी।

मेजर शौर्य राय के नेतृत्व में 16 सिख रेजीमेंट ने संभाली कमान

मेजर राय और उनकी टीम ने रूपनगर के डिप्टी कमिश्नर श्री वरजीत वालिया के साथ मिलकर दाउदपुर बांध पर सतलुज नदी के लगातार कटते किनारों का निरीक्षण किया और रातभर की अथक मेहनत के बाद एक व्यापक बचाव योजना शुरू की। सेना के जवानों ने न केवल क्षतिग्रस्त हिस्सों को भरा और बांध को मजबूत किया बल्कि अतिरिक्त सुरक्षा के लिए तार-जाल में बालू की बोरियाँ और पत्थर डालकर दूसरी पंक्ति का रक्षा-कवच भी तैयार कर दिया।

यह बांध ही वह एकमात्र ज़मीनी बाधा है जो सतलुज की तेज धाराओं और पचास से अधिक गाँवों के बीच रक्षा-रेखा बना हुआ है।स्थानीय लोग बताते हैं कि 1988 की बाढ़ में कई गाँव पानी में बह गए थे, और यदि इस बार सेना समय पर न पहुँचती तो हालात भयावह हो सकते थे।

रात भर चले राहत कार्य से दाउदपुर बांध हुआ मजबूत

सेना की निरंतर मौजूदगी और कठिन परिश्रम को देखकर ग्रामीण भी बड़ी संख्या में राहत कार्यों में शामिल हो गए। गाँव-गाँव से लोग फावड़े और ट्रैक्टर लेकर पहुँचे और अनेक स्थानों पर ग्रामीणों ने जवानों के लिए स्वेच्छा से लंगर चलाना शुरू कर दिया।इस राहत अभियान ने न केवल आपदा को फैलने से रोका बल्कि यह भी दिखाया कि जब भारतीय सेना मैदान में उतरती है तो असंभव भी संभव हो जाता है।

बाढ़ग्रस्त क्षेत्र की गंभीरता को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री श्री चरणजीत सिंह चन्नी, श्री सुखबीर सिंह बादल समेत अनेक सांसद, विधायक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी यहाँ पहुँचे और हालात का जायज़ा लेकर हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

गांव वालों ने सैनिकों के साथ मिलकर बनाई मानव दीवार

चमकौर साहिब में सेना की यह तैनाती एक बार फिर साबित करती है कि भारतीय सेना केवल सीमाओं पर ही नहीं, बल्कि हर आपदा की घड़ी में भी देशवासियों की सबसे बड़ी ताक़त और भरोसा है।

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